राहु काल — 8 अक्टूबर 2054, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:45 AM – 12:31 PM
राहु काल01:36 PM – 03:03 PM
यमगंड06:17 AM – 07:45 AM
गुलिक काल09:13 AM – 10:40 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिअष्टमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 07:44 AM (अगले दिन), फिर नवमी
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा — समाप्त 06:15 AM (अगले दिन), फिर उत्तराषाढ़ा
योगशोभन — समाप्त 09:35 AM, फिर अतिगण्ड
करणविष्टि (भद्रा) — समाप्त 06:49 PM, फिर बव
वारगुरुवार
सूर्योदय06:17 AM
सूर्यास्त05:59 PM
चंद्र राशिधनु
सूर्य राशिकन्या
मास (पूर्णिमांत)आश्विन
मास (अमांत)आश्विन
विक्रम संवत2111
शक संवत1976

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

शुभ06:17 AM – 07:45 AM
रोग07:45 AM – 09:13 AM
उद्वेग09:13 AM – 10:40 AM
चर10:40 AM – 12:08 PM
लाभ12:08 PM – 01:36 PM
अमृत01:36 PM – 03:03 PM
काल03:03 PM – 04:31 PM
शुभ04:31 PM – 05:59 PM

रात का चौघड़िया

अमृत05:59 PM – 07:31 PM
चर07:31 PM – 09:03 PM
रोग09:03 PM – 10:36 PM
काल10:36 PM – 12:08 AM (अगले दिन)
लाभ12:08 AM (अगले दिन) – 01:41 AM (अगले दिन)
उद्वेग01:41 AM (अगले दिन) – 03:13 AM (अगले दिन)
शुभ03:13 AM (अगले दिन) – 04:46 AM (अगले दिन)
अमृत04:46 AM (अगले दिन) – 06:18 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

12 अक्टूएकादशी (शुक्ल)
16 अक्टूपूर्णिमा
27 अक्टूएकादशी (कृष्ण)
30 अक्टूअमावस्या
11 नवएकादशी (शुक्ल)
15 नवपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.