राहु काल — 2 सितंबर 2054, दिल्ली
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:55 AM – 12:46 PM (बुधवार को वर्जित) |
| राहु काल | 12:20 PM – 01:55 PM |
| यमगंड | 07:35 AM – 09:10 AM |
| गुलिक काल | 10:45 AM – 12:20 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | अमावस्या (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 06:47 AM, फिर प्रतिपदा |
| नक्षत्र | पूर्व फाल्गुनी — समाप्त 12:57 AM (अगले दिन), फिर उत्तर फाल्गुनी |
| योग | सिद्ध — समाप्त 09:02 PM, फिर साध्य |
| करण | नाग — समाप्त 06:47 AM, फिर किंस्तुघ्न |
| वार | बुधवार |
सूर्योदय05:59 AM
सूर्यास्त06:41 PM
चंद्र राशिसिंह
सूर्य राशिसिंह
मास (पूर्णिमांत)भाद्रपद
मास (अमांत)श्रावण
विक्रम संवत2111
शक संवत1976
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| लाभ | 05:59 AM – 07:35 AM |
| अमृत | 07:35 AM – 09:10 AM |
| काल | 09:10 AM – 10:45 AM |
| शुभ | 10:45 AM – 12:20 PM |
| रोग | 12:20 PM – 01:55 PM |
| उद्वेग | 01:55 PM – 03:31 PM |
| चर | 03:31 PM – 05:06 PM |
| लाभ | 05:06 PM – 06:41 PM |
रात का चौघड़िया
| उद्वेग | 06:41 PM – 08:06 PM |
| शुभ | 08:06 PM – 09:31 PM |
| अमृत | 09:31 PM – 10:56 PM |
| चर | 10:56 PM – 12:20 AM (अगले दिन) |
| रोग | 12:20 AM (अगले दिन) – 01:45 AM (अगले दिन) |
| काल | 01:45 AM (अगले दिन) – 03:10 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 03:10 AM (अगले दिन) – 04:35 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 04:35 AM (अगले दिन) – 06:00 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 2 सित | अमावस्या |
| 12 सित | एकादशी (शुक्ल) |
| 16 सित | पूर्णिमा |
| 1 अक्टू | अमावस्या |
| 12 अक्टू | एकादशी (शुक्ल) |
| 16 अक्टू | पूर्णिमा |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.