राहु काल — 5 मई 2053, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:51 AM – 12:44 PM
राहु काल07:17 AM – 08:57 AM
यमगंड10:37 AM – 12:18 PM
गुलिक काल01:58 PM – 03:38 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथितृतीया (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 07:01 AM (अगले दिन), फिर चतुर्थी
नक्षत्रअनुराधा — समाप्त 09:32 AM, फिर ज्येष्ठा
योगपरिघ — समाप्त 08:49 PM, फिर शिव
करणवणिज — समाप्त 05:57 PM, फिर विष्टि (भद्रा)
वारसोमवार
सूर्योदय05:37 AM
सूर्यास्त06:59 PM
चंद्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमेष
मास (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ
मास (अमांत)वैशाख
विक्रम संवत2110
शक संवत1975

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

अमृत05:37 AM – 07:17 AM
काल07:17 AM – 08:57 AM
शुभ08:57 AM – 10:37 AM
रोग10:37 AM – 12:18 PM
उद्वेग12:18 PM – 01:58 PM
चर01:58 PM – 03:38 PM
लाभ03:38 PM – 05:18 PM
अमृत05:18 PM – 06:59 PM

रात का चौघड़िया

चर06:59 PM – 08:18 PM
रोग08:18 PM – 09:38 PM
काल09:38 PM – 10:58 PM
लाभ10:58 PM – 12:17 AM (अगले दिन)
उद्वेग12:17 AM (अगले दिन) – 01:37 AM (अगले दिन)
शुभ01:37 AM (अगले दिन) – 02:57 AM (अगले दिन)
अमृत02:57 AM (अगले दिन) – 04:16 AM (अगले दिन)
चर04:16 AM (अगले दिन) – 05:36 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

14 मईएकादशी (कृष्ण)
18 मईअमावस्या
28 मईएकादशी (शुक्ल)
1 जूनपूर्णिमा
16 जूनअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.