राहु काल — 19 जनवरी 2053, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:10 PM – 12:53 PM
राहु काल04:30 PM – 05:49 PM
यमगंड12:32 PM – 01:51 PM
गुलिक काल03:10 PM – 04:30 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिअमावस्या (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 04:41 AM (अगले दिन), फिर प्रतिपदा
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा — समाप्त 10:42 AM, फिर उत्तराषाढ़ा
योगहर्षण — समाप्त 07:51 PM, फिर वज्र
करणचतुष्पद — समाप्त 03:44 PM, फिर नाग
वाररविवार
सूर्योदय07:14 AM
सूर्यास्त05:49 PM
चंद्र राशिधनु
सूर्य राशिमकर
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)पौष
विक्रम संवत2109
शक संवत1974

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

उद्वेग07:14 AM – 08:33 AM
चर08:33 AM – 09:53 AM
लाभ09:53 AM – 11:12 AM
अमृत11:12 AM – 12:32 PM
काल12:32 PM – 01:51 PM
शुभ01:51 PM – 03:10 PM
रोग03:10 PM – 04:30 PM
उद्वेग04:30 PM – 05:49 PM

रात का चौघड़िया

शुभ05:49 PM – 07:30 PM
अमृत07:30 PM – 09:10 PM
चर09:10 PM – 10:51 PM
रोग10:51 PM – 12:31 AM (अगले दिन)
काल12:31 AM (अगले दिन) – 02:12 AM (अगले दिन)
लाभ02:12 AM (अगले दिन) – 03:52 AM (अगले दिन)
उद्वेग03:52 AM (अगले दिन) – 05:33 AM (अगले दिन)
शुभ05:33 AM (अगले दिन) – 07:13 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

19 जनअमावस्या
30 जनएकादशी (शुक्ल)
3 फ़रपूर्णिमा
14 फ़रएकादशी (कृष्ण)
18 फ़रअमावस्या
1 मार्चएकादशी (शुक्ल)
4 मार्चपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.