राहु काल — 13 जुलाई 2052, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:59 AM – 12:54 PM
राहु काल08:59 AM – 10:43 AM
यमगंड02:10 PM – 03:54 PM
गुलिक काल05:32 AM – 07:16 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिप्रतिपदा (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 06:46 AM, फिर द्वितीया
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा — समाप्त 09:03 AM, फिर श्रवण
योगविष्कुम्भ — समाप्त 08:24 PM, फिर प्रीति
करणकौलव — समाप्त 06:46 AM, फिर तैतिल
वारशनिवार
सूर्योदय05:32 AM
सूर्यास्त07:21 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिमिथुन
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
मास (अमांत)आषाढ़
विक्रम संवत2109
शक संवत1974

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

काल05:32 AM – 07:16 AM
शुभ07:16 AM – 08:59 AM
रोग08:59 AM – 10:43 AM
उद्वेग10:43 AM – 12:27 PM
चर12:27 PM – 02:10 PM
लाभ02:10 PM – 03:54 PM
अमृत03:54 PM – 05:37 PM
काल05:37 PM – 07:21 PM

रात का चौघड़िया

लाभ07:21 PM – 08:37 PM
उद्वेग08:37 PM – 09:54 PM
शुभ09:54 PM – 11:10 PM
अमृत11:10 PM – 12:27 AM (अगले दिन)
चर12:27 AM (अगले दिन) – 01:43 AM (अगले दिन)
रोग01:43 AM (अगले दिन) – 03:00 AM (अगले दिन)
काल03:00 AM (अगले दिन) – 04:16 AM (अगले दिन)
लाभ04:16 AM (अगले दिन) – 05:33 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

22 जुलएकादशी (कृष्ण)
26 जुलअमावस्या
6 अगएकादशी (शुक्ल)
10 अगपूर्णिमा
20 अगएकादशी (कृष्ण)
24 अगअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.