राहु काल — 5 जनवरी 2039, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:05 PM – 12:47 PM (बुधवार को वर्जित)
राहु काल12:26 PM – 01:44 PM
यमगंड08:32 AM – 09:50 AM
गुलिक काल11:08 AM – 12:26 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिएकादशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 09:48 AM (अगले दिन), फिर द्वादशी
नक्षत्रभरणी — समाप्त 08:22 PM, फिर कृत्तिका
योगसाध्य — समाप्त 07:28 AM (अगले दिन), फिर शुभ
करणवणिज — समाप्त 08:29 PM, फिर विष्टि (भद्रा)
वारबुधवार
सूर्योदय07:14 AM
सूर्यास्त05:38 PM
चंद्र राशिमेष
सूर्य राशिधनु
मास (पूर्णिमांत)पौष
मास (अमांत)पौष
विक्रम संवत2095
शक संवत1960

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

लाभ07:14 AM – 08:32 AM
अमृत08:32 AM – 09:50 AM
काल09:50 AM – 11:08 AM
शुभ11:08 AM – 12:26 PM
रोग12:26 PM – 01:44 PM
उद्वेग01:44 PM – 03:02 PM
चर03:02 PM – 04:20 PM
लाभ04:20 PM – 05:38 PM

रात का चौघड़िया

उद्वेग05:38 PM – 07:20 PM
शुभ07:20 PM – 09:02 PM
अमृत09:02 PM – 10:44 PM
चर10:44 PM – 12:26 AM (अगले दिन)
रोग12:26 AM (अगले दिन) – 02:08 AM (अगले दिन)
काल02:08 AM (अगले दिन) – 03:50 AM (अगले दिन)
लाभ03:50 AM (अगले दिन) – 05:32 AM (अगले दिन)
उद्वेग05:32 AM (अगले दिन) – 07:14 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

5 जनएकादशी (शुक्ल)
10 जनपूर्णिमा
20 जनएकादशी (कृष्ण)
24 जनअमावस्या
4 फ़रएकादशी (शुक्ल)
9 फ़रपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.