राहु काल — 14 दिसंबर 2038, दिल्ली
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:55 AM – 12:36 PM |
| राहु काल | 02:50 PM – 04:08 PM |
| यमगंड | 09:40 AM – 10:58 AM |
| गुलिक काल | 12:15 PM – 01:33 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | तृतीया (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 03:50 AM (अगले दिन), फिर चतुर्थी |
| नक्षत्र | पुनर्वसु — समाप्त 01:21 AM (अगले दिन), फिर पुष्य |
| योग | ब्रह्म — समाप्त 03:58 AM (अगले दिन), फिर इन्द्र |
| करण | वणिज — समाप्त 03:17 PM, फिर विष्टि (भद्रा) |
| वार | मंगलवार |
सूर्योदय07:05 AM
सूर्यास्त05:25 PM
चंद्र राशिमिथुन
सूर्य राशिवृश्चिक
मास (पूर्णिमांत)पौष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2095
शक संवत1960
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| रोग | 07:05 AM – 08:23 AM |
| उद्वेग | 08:23 AM – 09:40 AM |
| चर | 09:40 AM – 10:58 AM |
| लाभ | 10:58 AM – 12:15 PM |
| अमृत | 12:15 PM – 01:33 PM |
| काल | 01:33 PM – 02:50 PM |
| शुभ | 02:50 PM – 04:08 PM |
| रोग | 04:08 PM – 05:25 PM |
रात का चौघड़िया
| काल | 05:25 PM – 07:08 PM |
| लाभ | 07:08 PM – 08:50 PM |
| उद्वेग | 08:50 PM – 10:33 PM |
| शुभ | 10:33 PM – 12:16 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 12:16 AM (अगले दिन) – 01:58 AM (अगले दिन) |
| चर | 01:58 AM (अगले दिन) – 03:41 AM (अगले दिन) |
| रोग | 03:41 AM (अगले दिन) – 05:23 AM (अगले दिन) |
| काल | 05:23 AM (अगले दिन) – 07:06 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 22 दिस | एकादशी (कृष्ण) |
| 5 जन | एकादशी (शुक्ल) |
| 10 जन | पूर्णिमा |
| 20 जन | एकादशी (कृष्ण) |
| 24 जन | अमावस्या |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.