राहु काल — 30 दिसंबर 2037, दिल्ली
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 12:03 PM – 12:44 PM (बुधवार को वर्जित) |
| राहु काल | 12:23 PM – 01:41 PM |
| यमगंड | 08:30 AM – 09:48 AM |
| गुलिक काल | 11:06 AM – 12:23 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | नवमी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 04:24 AM (अगले दिन), फिर दशमी |
| नक्षत्र | हस्त — समाप्त 11:41 AM, फिर चित्रा |
| योग | शोभन — समाप्त 09:51 AM, फिर अतिगण्ड |
| करण | तैतिल — समाप्त 05:27 PM, फिर गर |
| वार | बुधवार |
सूर्योदय07:13 AM
सूर्यास्त05:34 PM
चंद्र राशिकन्या
सूर्य राशिधनु
मास (पूर्णिमांत)पौष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2094
शक संवत1959
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| लाभ | 07:13 AM – 08:30 AM |
| अमृत | 08:30 AM – 09:48 AM |
| काल | 09:48 AM – 11:06 AM |
| शुभ | 11:06 AM – 12:23 PM |
| रोग | 12:23 PM – 01:41 PM |
| उद्वेग | 01:41 PM – 02:58 PM |
| चर | 02:58 PM – 04:16 PM |
| लाभ | 04:16 PM – 05:34 PM |
रात का चौघड़िया
| उद्वेग | 05:34 PM – 07:16 PM |
| शुभ | 07:16 PM – 08:59 PM |
| अमृत | 08:59 PM – 10:41 PM |
| चर | 10:41 PM – 12:23 AM (अगले दिन) |
| रोग | 12:23 AM (अगले दिन) – 02:06 AM (अगले दिन) |
| काल | 02:06 AM (अगले दिन) – 03:48 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 03:48 AM (अगले दिन) – 05:31 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 05:31 AM (अगले दिन) – 07:13 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 1 जन | एकादशी (कृष्ण) |
| 5 जन | अमावस्या |
| 17 जन | एकादशी (शुक्ल) |
| 21 जन | पूर्णिमा |
| 31 जन | एकादशी (कृष्ण) |
| 4 फ़र | अमावस्या |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.