राहु काल — 12 नवंबर 2034, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:26 PM
राहु काल04:08 PM – 05:29 PM
यमगंड12:05 PM – 01:26 PM
गुलिक काल02:47 PM – 04:08 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिप्रतिपदा (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 09:18 AM, फिर द्वितीया
नक्षत्रअनुराधा — समाप्त 03:53 AM (अगले दिन), फिर ज्येष्ठा
योगशोभन — समाप्त 04:11 PM, फिर अतिगण्ड
करणबव — समाप्त 09:18 AM, फिर बालव
वाररविवार
सूर्योदय06:41 AM
सूर्यास्त05:29 PM
चंद्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशितुला
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
मास (अमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2091
शक संवत1956

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

उद्वेग06:41 AM – 08:02 AM
चर08:02 AM – 09:23 AM
लाभ09:23 AM – 10:44 AM
अमृत10:44 AM – 12:05 PM
काल12:05 PM – 01:26 PM
शुभ01:26 PM – 02:47 PM
रोग02:47 PM – 04:08 PM
उद्वेग04:08 PM – 05:29 PM

रात का चौघड़िया

शुभ05:29 PM – 07:08 PM
अमृत07:08 PM – 08:47 PM
चर08:47 PM – 10:26 PM
रोग10:26 PM – 12:05 AM (अगले दिन)
काल12:05 AM (अगले दिन) – 01:44 AM (अगले दिन)
लाभ01:44 AM (अगले दिन) – 03:23 AM (अगले दिन)
उद्वेग03:23 AM (अगले दिन) – 05:02 AM (अगले दिन)
शुभ05:02 AM (अगले दिन) – 06:42 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

22 नवएकादशी (शुक्ल)
6 दिसएकादशी (कृष्ण)
10 दिसअमावस्या
25 दिसपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.