राहु काल — 28 मई 2034, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:51 AM – 12:46 PM
राहु काल05:28 PM – 07:12 PM
यमगंड12:18 PM – 02:02 PM
गुलिक काल03:45 PM – 05:28 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिएकादशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 11:52 PM, फिर द्वादशी
नक्षत्रहस्त — समाप्त 08:08 PM, फिर चित्रा
योगसिद्धि — समाप्त 02:28 PM, फिर व्यतीपात
करणवणिज — समाप्त 10:38 AM, फिर विष्टि (भद्रा)
वाररविवार
सूर्योदय05:24 AM
सूर्यास्त07:12 PM
चंद्र राशिकन्या
सूर्य राशिवृषभ
मास (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ
मास (अमांत)ज्येष्ठ
विक्रम संवत2091
शक संवत1956

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

उद्वेग05:24 AM – 07:08 AM
चर07:08 AM – 08:51 AM
लाभ08:51 AM – 10:35 AM
अमृत10:35 AM – 12:18 PM
काल12:18 PM – 02:02 PM
शुभ02:02 PM – 03:45 PM
रोग03:45 PM – 05:28 PM
उद्वेग05:28 PM – 07:12 PM

रात का चौघड़िया

शुभ07:12 PM – 08:28 PM
अमृत08:28 PM – 09:45 PM
चर09:45 PM – 11:01 PM
रोग11:01 PM – 12:18 AM (अगले दिन)
काल12:18 AM (अगले दिन) – 01:34 AM (अगले दिन)
लाभ01:34 AM (अगले दिन) – 02:51 AM (अगले दिन)
उद्वेग02:51 AM (अगले दिन) – 04:08 AM (अगले दिन)
शुभ04:08 AM (अगले दिन) – 05:24 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

28 मईएकादशी (शुक्ल)
2 जूनपूर्णिमा
13 जूनएकादशी (कृष्ण)
16 जूनअमावस्या
27 जूनएकादशी (शुक्ल)
1 जुलपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.