राहु काल — 27 अप्रैल 2034, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:52 AM – 12:45 PM
राहु काल01:57 PM – 03:36 PM
यमगंड05:44 AM – 07:22 AM
गुलिक काल09:01 AM – 10:40 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिदशमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 06:33 AM (अगले दिन), फिर एकादशी
नक्षत्रमघा — समाप्त 06:13 AM (अगले दिन), फिर पूर्व फाल्गुनी
योगगण्ड — समाप्त 06:04 AM, फिर वृद्धि
करणतैतिल — समाप्त 05:55 PM, फिर गर
वारगुरुवार
सूर्योदय05:44 AM
सूर्यास्त06:53 PM
चंद्र राशिसिंह
सूर्य राशिमेष
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
मास (अमांत)वैशाख
विक्रम संवत2091
शक संवत1956

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

शुभ05:44 AM – 07:22 AM
रोग07:22 AM – 09:01 AM
उद्वेग09:01 AM – 10:40 AM
चर10:40 AM – 12:19 PM
लाभ12:19 PM – 01:57 PM
अमृत01:57 PM – 03:36 PM
काल03:36 PM – 05:15 PM
शुभ05:15 PM – 06:53 PM

रात का चौघड़िया

अमृत06:53 PM – 08:15 PM
चर08:15 PM – 09:36 PM
रोग09:36 PM – 10:57 PM
काल10:57 PM – 12:18 AM (अगले दिन)
लाभ12:18 AM (अगले दिन) – 01:39 AM (अगले दिन)
उद्वेग01:39 AM (अगले दिन) – 03:00 AM (अगले दिन)
शुभ03:00 AM (अगले दिन) – 04:22 AM (अगले दिन)
अमृत04:22 AM (अगले दिन) – 05:43 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

29 अप्रैएकादशी (शुक्ल)
3 मईपूर्णिमा
14 मईएकादशी (कृष्ण)
18 मईअमावस्या
28 मईएकादशी (शुक्ल)
2 जूनपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.