राहु काल — 17 अक्टूबर 2032, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:29 PM
राहु काल04:23 PM – 05:49 PM
यमगंड12:06 PM – 01:32 PM
गुलिक काल02:57 PM – 04:23 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथित्रयोदशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 06:38 AM, फिर चतुर्दशी
नक्षत्रउत्तर भाद्रपद — समाप्त 12:02 AM (अगले दिन), फिर रेवती
योगध्रुव — समाप्त 12:57 PM, फिर व्याघात
करणतैतिल — समाप्त 06:38 AM, फिर गर
वाररविवार
सूर्योदय06:23 AM
सूर्यास्त05:49 PM
चंद्र राशिमीन
सूर्य राशिकन्या
मास (पूर्णिमांत)आश्विन
मास (अमांत)आश्विन
विक्रम संवत2089
शक संवत1954

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

उद्वेग06:23 AM – 07:49 AM
चर07:49 AM – 09:14 AM
लाभ09:14 AM – 10:40 AM
अमृत10:40 AM – 12:06 PM
काल12:06 PM – 01:32 PM
शुभ01:32 PM – 02:57 PM
रोग02:57 PM – 04:23 PM
उद्वेग04:23 PM – 05:49 PM

रात का चौघड़िया

शुभ05:49 PM – 07:23 PM
अमृत07:23 PM – 08:57 PM
चर08:57 PM – 10:32 PM
रोग10:32 PM – 12:06 AM (अगले दिन)
काल12:06 AM (अगले दिन) – 01:40 AM (अगले दिन)
लाभ01:40 AM (अगले दिन) – 03:15 AM (अगले दिन)
उद्वेग03:15 AM (अगले दिन) – 04:49 AM (अगले दिन)
शुभ04:49 AM (अगले दिन) – 06:23 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

18 अक्टूपूर्णिमा
29 अक्टूएकादशी (कृष्ण)
3 नवअमावस्या
13 नवएकादशी (शुक्ल)
17 नवपूर्णिमा
28 नवएकादशी (कृष्ण)

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.