राहु काल — 25 अक्टूबर 2031, दिल्ली
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 AM – 12:27 PM |
| राहु काल | 09:16 AM – 10:40 AM |
| यमगंड | 01:29 PM – 02:53 PM |
| गुलिक काल | 06:28 AM – 07:52 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | दशमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 07:47 PM, फिर एकादशी |
| नक्षत्र | धनिष्ठा — समाप्त 06:04 PM, फिर शतभिषा |
| योग | गण्ड — समाप्त 04:35 PM, फिर वृद्धि |
| करण | तैतिल — समाप्त 08:48 AM, फिर गर |
| वार | शनिवार |
सूर्योदय06:28 AM
सूर्यास्त05:42 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
मास (पूर्णिमांत)आश्विन
मास (अमांत)आश्विन
विक्रम संवत2088
शक संवत1953
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| काल | 06:28 AM – 07:52 AM |
| शुभ | 07:52 AM – 09:16 AM |
| रोग | 09:16 AM – 10:40 AM |
| उद्वेग | 10:40 AM – 12:05 PM |
| चर | 12:05 PM – 01:29 PM |
| लाभ | 01:29 PM – 02:53 PM |
| अमृत | 02:53 PM – 04:17 PM |
| काल | 04:17 PM – 05:42 PM |
रात का चौघड़िया
| लाभ | 05:42 PM – 07:18 PM |
| उद्वेग | 07:18 PM – 08:53 PM |
| शुभ | 08:53 PM – 10:29 PM |
| अमृत | 10:29 PM – 12:05 AM (अगले दिन) |
| चर | 12:05 AM (अगले दिन) – 01:41 AM (अगले दिन) |
| रोग | 01:41 AM (अगले दिन) – 03:17 AM (अगले दिन) |
| काल | 03:17 AM (अगले दिन) – 04:52 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 04:52 AM (अगले दिन) – 06:28 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 26 अक्टू | एकादशी (शुक्ल) |
| 30 अक्टू | पूर्णिमा |
| 10 नव | एकादशी (कृष्ण) |
| 14 नव | अमावस्या |
| 24 नव | एकादशी (शुक्ल) |
| 28 नव | पूर्णिमा |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.