राहु काल — 12 अक्टूबर 2031, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:44 AM – 12:30 PM
राहु काल04:28 PM – 05:55 PM
यमगंड12:07 PM – 01:34 PM
गुलिक काल03:01 PM – 04:28 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिएकादशी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 12:06 PM, फिर द्वादशी
नक्षत्रमघा — समाप्त 01:30 AM (अगले दिन), फिर पूर्व फाल्गुनी
योगशुभ — समाप्त 10:30 PM, फिर शुक्ल
करणबालव — समाप्त 12:06 PM, फिर कौलव
वाररविवार
सूर्योदय06:19 AM
सूर्यास्त05:55 PM
चंद्र राशिसिंह
सूर्य राशिकन्या
मास (पूर्णिमांत)आश्विन
मास (अमांत)भाद्रपद
विक्रम संवत2088
शक संवत1953

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

उद्वेग06:19 AM – 07:46 AM
चर07:46 AM – 09:13 AM
लाभ09:13 AM – 10:40 AM
अमृत10:40 AM – 12:07 PM
काल12:07 PM – 01:34 PM
शुभ01:34 PM – 03:01 PM
रोग03:01 PM – 04:28 PM
उद्वेग04:28 PM – 05:55 PM

रात का चौघड़िया

शुभ05:55 PM – 07:28 PM
अमृत07:28 PM – 09:01 PM
चर09:01 PM – 10:34 PM
रोग10:34 PM – 12:07 AM (अगले दिन)
काल12:07 AM (अगले दिन) – 01:41 AM (अगले दिन)
लाभ01:41 AM (अगले दिन) – 03:14 AM (अगले दिन)
उद्वेग03:14 AM (अगले दिन) – 04:47 AM (अगले दिन)
शुभ04:47 AM (अगले दिन) – 06:20 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

12 अक्टूएकादशी (कृष्ण)
16 अक्टूअमावस्या
26 अक्टूएकादशी (शुक्ल)
30 अक्टूपूर्णिमा
10 नवएकादशी (कृष्ण)
14 नवअमावस्या
24 नवएकादशी (शुक्ल)

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.