राहु काल — 17 अप्रैल 2030, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:46 PM (बुधवार को वर्जित)
राहु काल12:21 PM – 01:57 PM
यमगंड07:30 AM – 09:07 AM
गुलिक काल10:44 AM – 12:21 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिचतुर्दशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 12:18 PM, फिर पूर्णिमा
नक्षत्रहस्त — समाप्त 04:00 PM, फिर चित्रा
योगव्याघात — समाप्त 11:11 AM, फिर हर्षण
करणवणिज — समाप्त 12:18 PM, फिर विष्टि (भद्रा)
वारबुधवार
सूर्योदय05:53 AM
सूर्यास्त06:48 PM
चंद्र राशिकन्या
सूर्य राशिमेष
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)चैत्र
विक्रम संवत2087
शक संवत1952

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

लाभ05:53 AM – 07:30 AM
अमृत07:30 AM – 09:07 AM
काल09:07 AM – 10:44 AM
शुभ10:44 AM – 12:21 PM
रोग12:21 PM – 01:57 PM
उद्वेग01:57 PM – 03:34 PM
चर03:34 PM – 05:11 PM
लाभ05:11 PM – 06:48 PM

रात का चौघड़िया

उद्वेग06:48 PM – 08:11 PM
शुभ08:11 PM – 09:34 PM
अमृत09:34 PM – 10:57 PM
चर10:57 PM – 12:20 AM (अगले दिन)
रोग12:20 AM (अगले दिन) – 01:43 AM (अगले दिन)
काल01:43 AM (अगले दिन) – 03:06 AM (अगले दिन)
लाभ03:06 AM (अगले दिन) – 04:29 AM (अगले दिन)
उद्वेग04:29 AM (अगले दिन) – 05:52 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

18 अप्रैपूर्णिमा
28 अप्रैएकादशी (कृष्ण)
2 मईअमावस्या
14 मईएकादशी (शुक्ल)
17 मईपूर्णिमा
27 मईएकादशी (कृष्ण)

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.