राहु काल — 16 फ़रवरी 2030, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:12 PM – 12:57 PM
राहु काल09:47 AM – 11:11 AM
यमगंड01:59 PM – 03:23 PM
गुलिक काल06:58 AM – 08:22 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथित्रयोदशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 01:43 PM, फिर चतुर्दशी
नक्षत्रपुष्य — समाप्त 02:50 AM (अगले दिन), फिर आश्लेषा
योगआयुष्मान — समाप्त 08:54 AM, फिर सौभाग्य
करणतैतिल — समाप्त 01:43 PM, फिर गर
वारशनिवार
सूर्योदय06:58 AM
सूर्यास्त06:12 PM
चंद्र राशिकर्क
सूर्य राशिकुंभ
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2086
शक संवत1951

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

काल06:58 AM – 08:22 AM
शुभ08:22 AM – 09:47 AM
रोग09:47 AM – 11:11 AM
उद्वेग11:11 AM – 12:35 PM
चर12:35 PM – 01:59 PM
लाभ01:59 PM – 03:23 PM
अमृत03:23 PM – 04:47 PM
काल04:47 PM – 06:12 PM

रात का चौघड़िया

लाभ06:12 PM – 07:47 PM
उद्वेग07:47 PM – 09:23 PM
शुभ09:23 PM – 10:59 PM
अमृत10:59 PM – 12:34 AM (अगले दिन)
चर12:34 AM (अगले दिन) – 02:10 AM (अगले दिन)
रोग02:10 AM (अगले दिन) – 03:46 AM (अगले दिन)
काल03:46 AM (अगले दिन) – 05:22 AM (अगले दिन)
लाभ05:22 AM (अगले दिन) – 06:57 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

18 फ़रपूर्णिमा
28 फ़रएकादशी (कृष्ण)
4 मार्चअमावस्या
15 मार्चएकादशी (शुक्ल)
19 मार्चपूर्णिमा
29 मार्चएकादशी (कृष्ण)

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.