राहु काल — 2 मार्च 2029, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:10 PM – 12:56 PM
राहु काल11:06 AM – 12:33 PM
यमगंड03:27 PM – 04:54 PM
गुलिक काल08:12 AM – 09:39 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिद्वितीया (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 03:19 PM, फिर तृतीया
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी — समाप्त 12:25 PM, फिर हस्त
योगशूल — समाप्त 03:48 PM, फिर गण्ड
करणगर — समाप्त 03:19 PM, फिर वणिज
वारशुक्रवार
सूर्योदय06:45 AM
सूर्यास्त06:21 PM
चंद्र राशिकन्या
सूर्य राशिकुंभ
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2085
शक संवत1950

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चर06:45 AM – 08:12 AM
लाभ08:12 AM – 09:39 AM
अमृत09:39 AM – 11:06 AM
काल11:06 AM – 12:33 PM
शुभ12:33 PM – 02:00 PM
रोग02:00 PM – 03:27 PM
उद्वेग03:27 PM – 04:54 PM
चर04:54 PM – 06:21 PM

रात का चौघड़िया

रोग06:21 PM – 07:54 PM
काल07:54 PM – 09:27 PM
लाभ09:27 PM – 11:00 PM
उद्वेग11:00 PM – 12:32 AM (अगले दिन)
शुभ12:32 AM (अगले दिन) – 02:05 AM (अगले दिन)
अमृत02:05 AM (अगले दिन) – 03:38 AM (अगले दिन)
चर03:38 AM (अगले दिन) – 05:11 AM (अगले दिन)
रोग05:11 AM (अगले दिन) – 06:44 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

10 मार्चएकादशी (कृष्ण)
15 मार्चअमावस्या
26 मार्चएकादशी (शुक्ल)
30 मार्चपूर्णिमा
9 अप्रैएकादशी (कृष्ण)
13 अप्रैअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.