राहु काल — 20 नवंबर 2028, दिल्ली
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:45 AM – 12:28 PM |
| राहु काल | 08:07 AM – 09:27 AM |
| यमगंड | 10:47 AM – 12:06 PM |
| गुलिक काल | 01:26 PM – 02:46 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 01:07 PM, फिर पंचमी |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा — समाप्त 09:19 PM, फिर उत्तराषाढ़ा |
| योग | शूल — समाप्त 07:08 PM, फिर गण्ड |
| करण | विष्टि (भद्रा) — समाप्त 01:07 PM, फिर बव |
| वार | सोमवार |
सूर्योदय06:47 AM
सूर्यास्त05:25 PM
चंद्र राशिधनु
सूर्य राशिवृश्चिक
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2085
शक संवत1950
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 06:47 AM – 08:07 AM |
| काल | 08:07 AM – 09:27 AM |
| शुभ | 09:27 AM – 10:47 AM |
| रोग | 10:47 AM – 12:06 PM |
| उद्वेग | 12:06 PM – 01:26 PM |
| चर | 01:26 PM – 02:46 PM |
| लाभ | 02:46 PM – 04:05 PM |
| अमृत | 04:05 PM – 05:25 PM |
रात का चौघड़िया
| चर | 05:25 PM – 07:05 PM |
| रोग | 07:05 PM – 08:46 PM |
| काल | 08:46 PM – 10:26 PM |
| लाभ | 10:26 PM – 12:07 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 12:07 AM (अगले दिन) – 01:47 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 01:47 AM (अगले दिन) – 03:27 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 03:27 AM (अगले दिन) – 05:08 AM (अगले दिन) |
| चर | 05:08 AM (अगले दिन) – 06:48 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 27 नव | एकादशी (शुक्ल) |
| 1 दिस | पूर्णिमा |
| 12 दिस | एकादशी (कृष्ण) |
| 16 दिस | अमावस्या |
| 27 दिस | एकादशी (शुक्ल) |
| 31 दिस | पूर्णिमा |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.