राहु काल — 11 अक्टूबर 2028, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:44 AM – 12:30 PM (बुधवार को वर्जित)
राहु काल12:07 PM – 01:34 PM
यमगंड07:46 AM – 09:13 AM
गुलिक काल10:40 AM – 12:07 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिअष्टमी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 04:56 AM (अगले दिन), फिर नवमी
नक्षत्रआर्द्रा — समाप्त 09:29 AM, फिर पुनर्वसु
योगपरिघ — समाप्त 08:11 AM, फिर शिव
करणबालव — समाप्त 05:27 PM, फिर कौलव
वारबुधवार
सूर्योदय06:19 AM
सूर्यास्त05:55 PM
चंद्र राशिमिथुन
सूर्य राशिकन्या
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
मास (अमांत)आश्विन
विक्रम संवत2085
शक संवत1950

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

लाभ06:19 AM – 07:46 AM
अमृत07:46 AM – 09:13 AM
काल09:13 AM – 10:40 AM
शुभ10:40 AM – 12:07 PM
रोग12:07 PM – 01:34 PM
उद्वेग01:34 PM – 03:01 PM
चर03:01 PM – 04:28 PM
लाभ04:28 PM – 05:55 PM

रात का चौघड़िया

उद्वेग05:55 PM – 07:28 PM
शुभ07:28 PM – 09:01 PM
अमृत09:01 PM – 10:34 PM
चर10:34 PM – 12:07 AM (अगले दिन)
रोग12:07 AM (अगले दिन) – 01:41 AM (अगले दिन)
काल01:41 AM (अगले दिन) – 03:14 AM (अगले दिन)
लाभ03:14 AM (अगले दिन) – 04:47 AM (अगले दिन)
उद्वेग04:47 AM (अगले दिन) – 06:20 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

14 अक्टूएकादशी (कृष्ण)
18 अक्टूअमावस्या
28 अक्टूएकादशी (शुक्ल)
2 नवपूर्णिमा
13 नवएकादशी (कृष्ण)
16 नवअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.