राहु काल — 31 अगस्त 2027, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:46 PM
राहु काल03:32 PM – 05:08 PM
यमगंड09:09 AM – 10:45 AM
गुलिक काल12:21 PM – 01:57 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिअमावस्या (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 11:11 PM, फिर प्रतिपदा
नक्षत्रमघा — समाप्त 10:20 PM, फिर पूर्व फाल्गुनी
योगशिव — समाप्त 09:35 PM, फिर सिद्ध
करणचतुष्पद — समाप्त 12:56 PM, फिर नाग
वारमंगलवार
सूर्योदय05:58 AM
सूर्यास्त06:44 PM
चंद्र राशिसिंह
सूर्य राशिसिंह
मास (पूर्णिमांत)भाद्रपद
मास (अमांत)श्रावण
विक्रम संवत2084
शक संवत1949

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

रोग05:58 AM – 07:34 AM
उद्वेग07:34 AM – 09:09 AM
चर09:09 AM – 10:45 AM
लाभ10:45 AM – 12:21 PM
अमृत12:21 PM – 01:57 PM
काल01:57 PM – 03:32 PM
शुभ03:32 PM – 05:08 PM
रोग05:08 PM – 06:44 PM

रात का चौघड़िया

काल06:44 PM – 08:08 PM
लाभ08:08 PM – 09:33 PM
उद्वेग09:33 PM – 10:57 PM
शुभ10:57 PM – 12:21 AM (अगले दिन)
अमृत12:21 AM (अगले दिन) – 01:46 AM (अगले दिन)
चर01:46 AM (अगले दिन) – 03:10 AM (अगले दिन)
रोग03:10 AM (अगले दिन) – 04:34 AM (अगले दिन)
काल04:34 AM (अगले दिन) – 05:59 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

31 अगअमावस्या
11 सितएकादशी (शुक्ल)
15 सितपूर्णिमा
26 सितएकादशी (कृष्ण)
30 सितअमावस्या
11 अक्टूएकादशी (शुक्ल)

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.