राहु काल — 12 अप्रैल 2027, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:56 AM – 12:47 PM
राहु काल07:35 AM – 09:10 AM
यमगंड10:46 AM – 12:22 PM
गुलिक काल01:58 PM – 03:33 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिषष्ठी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 07:35 PM, फिर सप्तमी
नक्षत्रमृगशिरा — समाप्त 01:34 PM, फिर आर्द्रा
योगशोभन — समाप्त 04:48 PM, फिर अतिगण्ड
करणकौलव — समाप्त 08:38 AM, फिर तैतिल
वारसोमवार
सूर्योदय05:59 AM
सूर्यास्त06:45 PM
चंद्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमीन
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)चैत्र
विक्रम संवत2084
शक संवत1949

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

अमृत05:59 AM – 07:35 AM
काल07:35 AM – 09:10 AM
शुभ09:10 AM – 10:46 AM
रोग10:46 AM – 12:22 PM
उद्वेग12:22 PM – 01:58 PM
चर01:58 PM – 03:33 PM
लाभ03:33 PM – 05:09 PM
अमृत05:09 PM – 06:45 PM

रात का चौघड़िया

चर06:45 PM – 08:09 PM
रोग08:09 PM – 09:33 PM
काल09:33 PM – 10:57 PM
लाभ10:57 PM – 12:21 AM (अगले दिन)
उद्वेग12:21 AM (अगले दिन) – 01:45 AM (अगले दिन)
शुभ01:45 AM (अगले दिन) – 03:10 AM (अगले दिन)
अमृत03:10 AM (अगले दिन) – 04:34 AM (अगले दिन)
चर04:34 AM (अगले दिन) – 05:58 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

17 अप्रैएकादशी (शुक्ल)
20 अप्रैपूर्णिमा
2 मईएकादशी (कृष्ण)
6 मईअमावस्या
16 मईएकादशी (शुक्ल)
20 मईपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.