राहु काल — 3 जुलाई 2026, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:57 AM – 12:53 PM
राहु काल10:40 AM – 12:25 PM
यमगंड03:54 PM – 05:38 PM
गुलिक काल07:12 AM – 08:56 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथितृतीया (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 11:22 AM, फिर चतुर्थी
नक्षत्रश्रवण — समाप्त 11:46 AM, फिर धनिष्ठा
योगविष्कुम्भ — समाप्त 04:58 PM, फिर प्रीति
करणविष्टि (भद्रा) — समाप्त 11:22 AM, फिर बव
वारशुक्रवार
सूर्योदय05:27 AM
सूर्यास्त07:23 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिमिथुन
मास (पूर्णिमांत)आषाढ़
मास (अमांत)ज्येष्ठ
विक्रम संवत2083
शक संवत1948

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चर05:27 AM – 07:12 AM
लाभ07:12 AM – 08:56 AM
अमृत08:56 AM – 10:40 AM
काल10:40 AM – 12:25 PM
शुभ12:25 PM – 02:09 PM
रोग02:09 PM – 03:54 PM
उद्वेग03:54 PM – 05:38 PM
चर05:38 PM – 07:23 PM

रात का चौघड़िया

रोग07:23 PM – 08:38 PM
काल08:38 PM – 09:54 PM
लाभ09:54 PM – 11:09 PM
उद्वेग11:09 PM – 12:25 AM (अगले दिन)
शुभ12:25 AM (अगले दिन) – 01:41 AM (अगले दिन)
अमृत01:41 AM (अगले दिन) – 02:56 AM (अगले दिन)
चर02:56 AM (अगले दिन) – 04:12 AM (अगले दिन)
रोग04:12 AM (अगले दिन) – 05:28 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

14 जुलअमावस्या
25 जुलएकादशी (शुक्ल)
29 जुलपूर्णिमा
9 अगएकादशी (कृष्ण)
12 अगअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.