पंचांग — 29 अक्टूबर 2038, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | द्वितीया (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 01:49 AM (अगले दिन), फिर तृतीया |
| नक्षत्र | विशाखा — समाप्त 09:24 PM, फिर अनुराधा |
| योग | आयुष्मान — समाप्त 01:34 PM, फिर सौभाग्य |
| करण | बालव — समाप्त 03:38 PM, फिर कौलव |
| वार | शुक्रवार |
सूर्योदय06:30 AM
सूर्यास्त05:38 PM
चंद्र राशितुला
सूर्य राशितुला
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
मास (अमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2095
शक संवत1960
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 AM – 12:26 PM |
| राहु काल | 10:41 AM – 12:04 PM |
| यमगंड | 02:51 PM – 04:15 PM |
| गुलिक काल | 07:54 AM – 09:17 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| चर | 06:30 AM – 07:54 AM |
| लाभ | 07:54 AM – 09:17 AM |
| अमृत | 09:17 AM – 10:41 AM |
| काल | 10:41 AM – 12:04 PM |
| शुभ | 12:04 PM – 01:28 PM |
| रोग | 01:28 PM – 02:51 PM |
| उद्वेग | 02:51 PM – 04:15 PM |
| चर | 04:15 PM – 05:38 PM |
रात का चौघड़िया
| रोग | 05:38 PM – 07:15 PM |
| काल | 07:15 PM – 08:51 PM |
| लाभ | 08:51 PM – 10:28 PM |
| उद्वेग | 10:28 PM – 12:05 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 12:05 AM (अगले दिन) – 01:41 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 01:41 AM (अगले दिन) – 03:18 AM (अगले दिन) |
| चर | 03:18 AM (अगले दिन) – 04:54 AM (अगले दिन) |
| रोग | 04:54 AM (अगले दिन) – 06:31 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 7 नव | एकादशी (शुक्ल) |
| 11 नव | पूर्णिमा |
| 23 नव | एकादशी (कृष्ण) |
| 26 नव | अमावस्या |
| 7 दिस | एकादशी (शुक्ल) |
| 11 दिस | पूर्णिमा |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.