पंचांग — 29 मई 2035, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | सप्तमी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 12:37 AM (अगले दिन), फिर अष्टमी |
| नक्षत्र | धनिष्ठा — समाप्त 10:13 PM, फिर शतभिषा |
| योग | इन्द्र — समाप्त 03:22 PM, फिर वैधृति |
| करण | विष्टि (भद्रा) — समाप्त 12:03 PM, फिर बव |
| वार | मंगलवार |
सूर्योदय05:24 AM
सूर्यास्त07:12 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिवृषभ
मास (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ
मास (अमांत)वैशाख
विक्रम संवत2092
शक संवत1957
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 AM – 12:46 PM |
| राहु काल | 03:45 PM – 05:29 PM |
| यमगंड | 08:51 AM – 10:35 AM |
| गुलिक काल | 12:18 PM – 02:02 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| रोग | 05:24 AM – 07:08 AM |
| उद्वेग | 07:08 AM – 08:51 AM |
| चर | 08:51 AM – 10:35 AM |
| लाभ | 10:35 AM – 12:18 PM |
| अमृत | 12:18 PM – 02:02 PM |
| काल | 02:02 PM – 03:45 PM |
| शुभ | 03:45 PM – 05:29 PM |
| रोग | 05:29 PM – 07:12 PM |
रात का चौघड़िया
| काल | 07:12 PM – 08:29 PM |
| लाभ | 08:29 PM – 09:45 PM |
| उद्वेग | 09:45 PM – 11:02 PM |
| शुभ | 11:02 PM – 12:18 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 12:18 AM (अगले दिन) – 01:35 AM (अगले दिन) |
| चर | 01:35 AM (अगले दिन) – 02:51 AM (अगले दिन) |
| रोग | 02:51 AM (अगले दिन) – 04:07 AM (अगले दिन) |
| काल | 04:07 AM (अगले दिन) – 05:24 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 2 जून | एकादशी (कृष्ण) |
| 6 जून | अमावस्या |
| 16 जून | एकादशी (शुक्ल) |
| 20 जून | पूर्णिमा |
| 2 जुल | एकादशी (कृष्ण) |
| 5 जुल | अमावस्या |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.