पंचांग — 15 मई 2034, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिद्वादशी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 07:41 PM, फिर त्रयोदशी
नक्षत्रउत्तर भाद्रपद — समाप्त 06:56 AM, फिर रेवती
योगप्रीति — समाप्त 10:12 PM, फिर आयुष्मान
करणकौलव — समाप्त 09:15 AM, फिर तैतिल
वारसोमवार
सूर्योदय05:30 AM
सूर्यास्त07:04 PM
चंद्र राशिमीन
सूर्य राशिमेष
मास (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ
मास (अमांत)वैशाख
विक्रम संवत2091
शक संवत1956

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:50 AM – 12:44 PM
राहु काल07:12 AM – 08:54 AM
यमगंड10:35 AM – 12:17 PM
गुलिक काल01:59 PM – 03:41 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

अमृत05:30 AM – 07:12 AM
काल07:12 AM – 08:54 AM
शुभ08:54 AM – 10:35 AM
रोग10:35 AM – 12:17 PM
उद्वेग12:17 PM – 01:59 PM
चर01:59 PM – 03:41 PM
लाभ03:41 PM – 05:23 PM
अमृत05:23 PM – 07:04 PM

रात का चौघड़िया

चर07:04 PM – 08:23 PM
रोग08:23 PM – 09:41 PM
काल09:41 PM – 10:59 PM
लाभ10:59 PM – 12:17 AM (अगले दिन)
उद्वेग12:17 AM (अगले दिन) – 01:35 AM (अगले दिन)
शुभ01:35 AM (अगले दिन) – 02:53 AM (अगले दिन)
अमृत02:53 AM (अगले दिन) – 04:11 AM (अगले दिन)
चर04:11 AM (अगले दिन) – 05:30 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

18 मईअमावस्या
28 मईएकादशी (शुक्ल)
2 जूनपूर्णिमा
13 जूनएकादशी (कृष्ण)
16 जूनअमावस्या
27 जूनएकादशी (शुक्ल)

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.