पंचांग — 17 मार्च 2033, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिप्रतिपदा (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 09:45 AM, फिर द्वितीया
नक्षत्रहस्त — समाप्त 03:32 AM (अगले दिन), फिर चित्रा
योगवृद्धि — समाप्त 03:34 AM (अगले दिन), फिर ध्रुव
करणकौलव — समाप्त 09:45 AM, फिर तैतिल
वारगुरुवार
सूर्योदय06:28 AM
सूर्यास्त06:30 PM
चंद्र राशिकन्या
सूर्य राशिमीन
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2089
शक संवत1954

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:05 PM – 12:53 PM
राहु काल01:59 PM – 03:30 PM
यमगंड06:28 AM – 07:58 AM
गुलिक काल09:29 AM – 10:59 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

शुभ06:28 AM – 07:58 AM
रोग07:58 AM – 09:29 AM
उद्वेग09:29 AM – 10:59 AM
चर10:59 AM – 12:29 PM
लाभ12:29 PM – 01:59 PM
अमृत01:59 PM – 03:30 PM
काल03:30 PM – 05:00 PM
शुभ05:00 PM – 06:30 PM

रात का चौघड़िया

अमृत06:30 PM – 08:00 PM
चर08:00 PM – 09:29 PM
रोग09:29 PM – 10:59 PM
काल10:59 PM – 12:29 AM (अगले दिन)
लाभ12:29 AM (अगले दिन) – 01:58 AM (अगले दिन)
उद्वेग01:58 AM (अगले दिन) – 03:28 AM (अगले दिन)
शुभ03:28 AM (अगले दिन) – 04:57 AM (अगले दिन)
अमृत04:57 AM (अगले दिन) – 06:27 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

27 मार्चएकादशी (कृष्ण)
30 मार्चअमावस्या
10 अप्रैएकादशी (शुक्ल)
14 अप्रैपूर्णिमा
25 अप्रैएकादशी (कृष्ण)
29 अप्रैअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.