पंचांग — 11 जनवरी 2031, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथितृतीया (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 05:26 AM (अगले दिन), फिर चतुर्थी
नक्षत्रआश्लेषा — समाप्त 11:05 PM, फिर मघा
योगप्रीति — समाप्त 10:29 PM, फिर आयुष्मान
करणवणिज — समाप्त 04:45 PM, फिर विष्टि (भद्रा)
वारशनिवार
सूर्योदय07:15 AM
सूर्यास्त05:42 PM
चंद्र राशिकर्क
सूर्य राशिधनु
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)पौष
विक्रम संवत2087
शक संवत1952

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:08 PM – 12:49 PM
राहु काल09:52 AM – 11:10 AM
यमगंड01:47 PM – 03:05 PM
गुलिक काल07:15 AM – 08:33 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

काल07:15 AM – 08:33 AM
शुभ08:33 AM – 09:52 AM
रोग09:52 AM – 11:10 AM
उद्वेग11:10 AM – 12:29 PM
चर12:29 PM – 01:47 PM
लाभ01:47 PM – 03:05 PM
अमृत03:05 PM – 04:24 PM
काल04:24 PM – 05:42 PM

रात का चौघड़िया

लाभ05:42 PM – 07:24 PM
उद्वेग07:24 PM – 09:05 PM
शुभ09:05 PM – 10:47 PM
अमृत10:47 PM – 12:29 AM (अगले दिन)
चर12:29 AM (अगले दिन) – 02:10 AM (अगले दिन)
रोग02:10 AM (अगले दिन) – 03:52 AM (अगले दिन)
काल03:52 AM (अगले दिन) – 05:33 AM (अगले दिन)
लाभ05:33 AM (अगले दिन) – 07:15 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

19 जनएकादशी (कृष्ण)
23 जनअमावस्या
3 फ़रएकादशी (शुक्ल)
7 फ़रपूर्णिमा
18 फ़रएकादशी (कृष्ण)
21 फ़रअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.