पंचांग — 8 जुलाई 2030, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | अष्टमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 03:40 AM (अगले दिन), फिर नवमी |
| नक्षत्र | हस्त — समाप्त 06:43 PM, फिर चित्रा |
| योग | परिघ — समाप्त 03:13 PM, फिर शिव |
| करण | विष्टि (भद्रा) — समाप्त 04:32 PM, फिर बव |
| वार | सोमवार |
सूर्योदय05:29 AM
सूर्यास्त07:22 PM
चंद्र राशिकन्या
सूर्य राशिमिथुन
मास (पूर्णिमांत)आषाढ़
मास (अमांत)आषाढ़
विक्रम संवत2087
शक संवत1952
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 AM – 12:53 PM |
| राहु काल | 07:13 AM – 08:58 AM |
| यमगंड | 10:42 AM – 12:26 PM |
| गुलिक काल | 02:10 PM – 03:54 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 05:29 AM – 07:13 AM |
| काल | 07:13 AM – 08:58 AM |
| शुभ | 08:58 AM – 10:42 AM |
| रोग | 10:42 AM – 12:26 PM |
| उद्वेग | 12:26 PM – 02:10 PM |
| चर | 02:10 PM – 03:54 PM |
| लाभ | 03:54 PM – 05:38 PM |
| अमृत | 05:38 PM – 07:22 PM |
रात का चौघड़िया
| चर | 07:22 PM – 08:38 PM |
| रोग | 08:38 PM – 09:54 PM |
| काल | 09:54 PM – 11:10 PM |
| लाभ | 11:10 PM – 12:26 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 12:26 AM (अगले दिन) – 01:42 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 01:42 AM (अगले दिन) – 02:58 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 02:58 AM (अगले दिन) – 04:14 AM (अगले दिन) |
| चर | 04:14 AM (अगले दिन) – 05:30 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 11 जुल | एकादशी (शुक्ल) |
| 15 जुल | पूर्णिमा |
| 26 जुल | एकादशी (कृष्ण) |
| 30 जुल | अमावस्या |
| 9 अग | एकादशी (शुक्ल) |
| 13 अग | पूर्णिमा |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.