पंचांग — 17 मार्च 2030, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 04:10 AM (अगले दिन), फिर चतुर्दशी |
| नक्षत्र | आश्लेषा — समाप्त 12:22 PM, फिर मघा |
| योग | सुकर्मा — समाप्त 01:48 PM, फिर धृति |
| करण | कौलव — समाप्त 04:59 PM, फिर तैतिल |
| वार | रविवार |
सूर्योदय06:28 AM
सूर्यास्त06:30 PM
चंद्र राशिकर्क
सूर्य राशिमीन
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2086
शक संवत1951
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 12:05 PM – 12:53 PM |
| राहु काल | 05:00 PM – 06:30 PM |
| यमगंड | 12:29 PM – 02:00 PM |
| गुलिक काल | 03:30 PM – 05:00 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| उद्वेग | 06:28 AM – 07:59 AM |
| चर | 07:59 AM – 09:29 AM |
| लाभ | 09:29 AM – 10:59 AM |
| अमृत | 10:59 AM – 12:29 PM |
| काल | 12:29 PM – 02:00 PM |
| शुभ | 02:00 PM – 03:30 PM |
| रोग | 03:30 PM – 05:00 PM |
| उद्वेग | 05:00 PM – 06:30 PM |
रात का चौघड़िया
| शुभ | 06:30 PM – 08:00 PM |
| अमृत | 08:00 PM – 09:29 PM |
| चर | 09:29 PM – 10:59 PM |
| रोग | 10:59 PM – 12:29 AM (अगले दिन) |
| काल | 12:29 AM (अगले दिन) – 01:58 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 01:58 AM (अगले दिन) – 03:28 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 03:28 AM (अगले दिन) – 04:58 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 04:58 AM (अगले दिन) – 06:27 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 19 मार्च | पूर्णिमा |
| 29 मार्च | एकादशी (कृष्ण) |
| 2 अप्रै | अमावस्या |
| 14 अप्रै | एकादशी (शुक्ल) |
| 18 अप्रै | पूर्णिमा |
| 28 अप्रै | एकादशी (कृष्ण) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.