पंचांग — 18 फ़रवरी 2030, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिपूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 11:50 AM, फिर प्रतिपदा
नक्षत्रमघा — समाप्त 01:36 AM (अगले दिन), फिर पूर्व फाल्गुनी
योगअतिगण्ड — समाप्त 02:45 AM (अगले दिन), फिर सुकर्मा
करणबव — समाप्त 11:50 AM, फिर बालव
वारसोमवार
सूर्योदय06:57 AM
सूर्यास्त06:13 PM
चंद्र राशिसिंह
सूर्य राशिकुंभ
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2086
शक संवत1951

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:12 PM – 12:57 PM
राहु काल08:21 AM – 09:46 AM
यमगंड11:10 AM – 12:35 PM
गुलिक काल01:59 PM – 03:24 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

अमृत06:57 AM – 08:21 AM
काल08:21 AM – 09:46 AM
शुभ09:46 AM – 11:10 AM
रोग11:10 AM – 12:35 PM
उद्वेग12:35 PM – 01:59 PM
चर01:59 PM – 03:24 PM
लाभ03:24 PM – 04:48 PM
अमृत04:48 PM – 06:13 PM

रात का चौघड़िया

चर06:13 PM – 07:48 PM
रोग07:48 PM – 09:24 PM
काल09:24 PM – 10:59 PM
लाभ10:59 PM – 12:34 AM (अगले दिन)
उद्वेग12:34 AM (अगले दिन) – 02:10 AM (अगले दिन)
शुभ02:10 AM (अगले दिन) – 03:45 AM (अगले दिन)
अमृत03:45 AM (अगले दिन) – 05:20 AM (अगले दिन)
चर05:20 AM (अगले दिन) – 06:56 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

18 फ़रपूर्णिमा
28 फ़रएकादशी (कृष्ण)
4 मार्चअमावस्या
15 मार्चएकादशी (शुक्ल)
19 मार्चपूर्णिमा
29 मार्चएकादशी (कृष्ण)
2 अप्रैअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.