पंचांग — 2 सितंबर 2029, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | नवमी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 12:18 AM (अगले दिन), फिर दशमी |
| नक्षत्र | मृगशिरा — समाप्त 04:48 AM (अगले दिन), फिर आर्द्रा |
| योग | वज्र — समाप्त 11:10 PM, फिर सिद्धि |
| करण | तैतिल — समाप्त 11:43 AM, फिर गर |
| वार | रविवार |
सूर्योदय05:59 AM
सूर्यास्त06:41 PM
चंद्र राशिवृषभ
सूर्य राशिसिंह
मास (पूर्णिमांत)भाद्रपद
मास (अमांत)श्रावण
विक्रम संवत2086
शक संवत1951
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:55 AM – 12:46 PM |
| राहु काल | 05:06 PM – 06:41 PM |
| यमगंड | 12:20 PM – 01:55 PM |
| गुलिक काल | 03:31 PM – 05:06 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| उद्वेग | 05:59 AM – 07:35 AM |
| चर | 07:35 AM – 09:10 AM |
| लाभ | 09:10 AM – 10:45 AM |
| अमृत | 10:45 AM – 12:20 PM |
| काल | 12:20 PM – 01:55 PM |
| शुभ | 01:55 PM – 03:31 PM |
| रोग | 03:31 PM – 05:06 PM |
| उद्वेग | 05:06 PM – 06:41 PM |
रात का चौघड़िया
| शुभ | 06:41 PM – 08:06 PM |
| अमृत | 08:06 PM – 09:31 PM |
| चर | 09:31 PM – 10:56 PM |
| रोग | 10:56 PM – 12:20 AM (अगले दिन) |
| काल | 12:20 AM (अगले दिन) – 01:45 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 01:45 AM (अगले दिन) – 03:10 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 03:10 AM (अगले दिन) – 04:35 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 04:35 AM (अगले दिन) – 06:00 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 4 सित | एकादशी (कृष्ण) |
| 8 सित | अमावस्या |
| 18 सित | एकादशी (शुक्ल) |
| 22 सित | पूर्णिमा |
| 4 अक्टू | एकादशी (कृष्ण) |
| 7 अक्टू | अमावस्या |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.