पंचांग — 10 अगस्त 2029, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | अमावस्या (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 07:27 AM, फिर प्रतिपदा |
| नक्षत्र | आश्लेषा — समाप्त 06:31 PM, फिर मघा |
| योग | व्यतीपात — समाप्त 06:58 AM, फिर वरीयान |
| करण | नाग — समाप्त 07:27 AM, फिर किंस्तुघ्न |
| वार | शुक्रवार |
सूर्योदय05:47 AM
सूर्यास्त07:05 PM
चंद्र राशिकर्क
सूर्य राशिकर्क
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
मास (अमांत)आषाढ़
विक्रम संवत2086
शक संवत1951
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:59 AM – 12:52 PM |
| राहु काल | 10:46 AM – 12:26 PM |
| यमगंड | 03:45 PM – 05:25 PM |
| गुलिक काल | 07:27 AM – 09:07 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| चर | 05:47 AM – 07:27 AM |
| लाभ | 07:27 AM – 09:07 AM |
| अमृत | 09:07 AM – 10:46 AM |
| काल | 10:46 AM – 12:26 PM |
| शुभ | 12:26 PM – 02:06 PM |
| रोग | 02:06 PM – 03:45 PM |
| उद्वेग | 03:45 PM – 05:25 PM |
| चर | 05:25 PM – 07:05 PM |
रात का चौघड़िया
| रोग | 07:05 PM – 08:25 PM |
| काल | 08:25 PM – 09:45 PM |
| लाभ | 09:45 PM – 11:06 PM |
| उद्वेग | 11:06 PM – 12:26 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 12:26 AM (अगले दिन) – 01:47 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 01:47 AM (अगले दिन) – 03:07 AM (अगले दिन) |
| चर | 03:07 AM (अगले दिन) – 04:27 AM (अगले दिन) |
| रोग | 04:27 AM (अगले दिन) – 05:48 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 10 अग | अमावस्या |
| 20 अग | एकादशी (शुक्ल) |
| 24 अग | पूर्णिमा |
| 4 सित | एकादशी (कृष्ण) |
| 8 सित | अमावस्या |
| 18 सित | एकादशी (शुक्ल) |
| 22 सित | पूर्णिमा |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.