पंचांग — 28 अप्रैल 2029, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 04:07 PM, फिर प्रतिपदा |
| नक्षत्र | स्वाति — समाप्त 01:21 AM (अगले दिन), फिर विशाखा |
| योग | सिद्धि — समाप्त 11:33 PM, फिर व्यतीपात |
| करण | विष्टि (भद्रा) — समाप्त 06:01 AM, फिर बव |
| वार | शनिवार |
सूर्योदय05:43 AM
सूर्यास्त06:54 PM
चंद्र राशितुला
सूर्य राशिमेष
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)चैत्र
विक्रम संवत2086
शक संवत1951
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:52 AM – 12:45 PM |
| राहु काल | 09:00 AM – 10:39 AM |
| यमगंड | 01:57 PM – 03:36 PM |
| गुलिक काल | 05:43 AM – 07:22 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| काल | 05:43 AM – 07:22 AM |
| शुभ | 07:22 AM – 09:00 AM |
| रोग | 09:00 AM – 10:39 AM |
| उद्वेग | 10:39 AM – 12:18 PM |
| चर | 12:18 PM – 01:57 PM |
| लाभ | 01:57 PM – 03:36 PM |
| अमृत | 03:36 PM – 05:15 PM |
| काल | 05:15 PM – 06:54 PM |
रात का चौघड़िया
| लाभ | 06:54 PM – 08:15 PM |
| उद्वेग | 08:15 PM – 09:36 PM |
| शुभ | 09:36 PM – 10:57 PM |
| अमृत | 10:57 PM – 12:18 AM (अगले दिन) |
| चर | 12:18 AM (अगले दिन) – 01:39 AM (अगले दिन) |
| रोग | 01:39 AM (अगले दिन) – 03:00 AM (अगले दिन) |
| काल | 03:00 AM (अगले दिन) – 04:21 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 04:21 AM (अगले दिन) – 05:42 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 28 अप्रै | पूर्णिमा |
| 9 मई | एकादशी (कृष्ण) |
| 13 मई | अमावस्या |
| 24 मई | एकादशी (शुक्ल) |
| 27 मई | पूर्णिमा |
| 7 जून | एकादशी (कृष्ण) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.