पंचांग — 21 अगस्त 2028, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिप्रतिपदा (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 12:30 PM, फिर द्वितीया
नक्षत्रमघा — समाप्त 07:30 AM, फिर पूर्व फाल्गुनी
योगशिव — समाप्त 08:54 PM, फिर सिद्ध
करणबव — समाप्त 12:30 PM, फिर बालव
वारसोमवार
सूर्योदय05:53 AM
सूर्यास्त06:54 PM
चंद्र राशिसिंह
सूर्य राशिसिंह
मास (पूर्णिमांत)भाद्रपद
मास (अमांत)भाद्रपद
विक्रम संवत2085
शक संवत1950

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:50 PM
राहु काल07:31 AM – 09:08 AM
यमगंड10:46 AM – 12:24 PM
गुलिक काल02:01 PM – 03:39 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

अमृत05:53 AM – 07:31 AM
काल07:31 AM – 09:08 AM
शुभ09:08 AM – 10:46 AM
रोग10:46 AM – 12:24 PM
उद्वेग12:24 PM – 02:01 PM
चर02:01 PM – 03:39 PM
लाभ03:39 PM – 05:16 PM
अमृत05:16 PM – 06:54 PM

रात का चौघड़िया

चर06:54 PM – 08:16 PM
रोग08:16 PM – 09:39 PM
काल09:39 PM – 11:01 PM
लाभ11:01 PM – 12:24 AM (अगले दिन)
उद्वेग12:24 AM (अगले दिन) – 01:46 AM (अगले दिन)
शुभ01:46 AM (अगले दिन) – 03:09 AM (अगले दिन)
अमृत03:09 AM (अगले दिन) – 04:31 AM (अगले दिन)
चर04:31 AM (अगले दिन) – 05:54 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

30 अगएकादशी (शुक्ल)
3 सितपूर्णिमा
15 सितएकादशी (कृष्ण)
18 सितअमावस्या
29 सितएकादशी (शुक्ल)
3 अक्टूपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.