पंचांग — 30 जुलाई 2028, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिनवमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 09:21 AM, फिर दशमी
नक्षत्रविशाखा — समाप्त 01:04 PM, फिर अनुराधा
योगशुक्ल — समाप्त 06:32 PM, फिर ब्रह्म
करणकौलव — समाप्त 09:21 AM, फिर तैतिल
वाररविवार
सूर्योदय05:41 AM
सूर्यास्त07:13 PM
चंद्र राशितुला
सूर्य राशिकर्क
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
मास (अमांत)श्रावण
विक्रम संवत2085
शक संवत1950

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:00 PM – 12:54 PM
राहु काल05:31 PM – 07:13 PM
यमगंड12:27 PM – 02:08 PM
गुलिक काल03:50 PM – 05:31 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

उद्वेग05:41 AM – 07:23 AM
चर07:23 AM – 09:04 AM
लाभ09:04 AM – 10:46 AM
अमृत10:46 AM – 12:27 PM
काल12:27 PM – 02:08 PM
शुभ02:08 PM – 03:50 PM
रोग03:50 PM – 05:31 PM
उद्वेग05:31 PM – 07:13 PM

रात का चौघड़िया

शुभ07:13 PM – 08:31 PM
अमृत08:31 PM – 09:50 PM
चर09:50 PM – 11:09 PM
रोग11:09 PM – 12:27 AM (अगले दिन)
काल12:27 AM (अगले दिन) – 01:46 AM (अगले दिन)
लाभ01:46 AM (अगले दिन) – 03:05 AM (अगले दिन)
उद्वेग03:05 AM (अगले दिन) – 04:23 AM (अगले दिन)
शुभ04:23 AM (अगले दिन) – 05:42 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

1 अगएकादशी (शुक्ल)
5 अगपूर्णिमा
16 अगएकादशी (कृष्ण)
20 अगअमावस्या
30 अगएकादशी (शुक्ल)
3 सितपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.