पंचांग — 9 जुलाई 2028, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | तृतीया (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 04:19 AM (अगले दिन), फिर चतुर्थी |
| नक्षत्र | श्रवण — समाप्त 03:02 PM, फिर धनिष्ठा |
| योग | विष्कुम्भ — समाप्त 08:40 AM, फिर प्रीति |
| करण | वणिज — समाप्त 03:18 PM, फिर विष्टि (भद्रा) |
| वार | रविवार |
सूर्योदय05:30 AM
सूर्यास्त07:22 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिमिथुन
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
मास (अमांत)आषाढ़
विक्रम संवत2085
शक संवत1950
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 AM – 12:54 PM |
| राहु काल | 05:38 PM – 07:22 PM |
| यमगंड | 12:26 PM – 02:10 PM |
| गुलिक काल | 03:54 PM – 05:38 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| उद्वेग | 05:30 AM – 07:14 AM |
| चर | 07:14 AM – 08:58 AM |
| लाभ | 08:58 AM – 10:42 AM |
| अमृत | 10:42 AM – 12:26 PM |
| काल | 12:26 PM – 02:10 PM |
| शुभ | 02:10 PM – 03:54 PM |
| रोग | 03:54 PM – 05:38 PM |
| उद्वेग | 05:38 PM – 07:22 PM |
रात का चौघड़िया
| शुभ | 07:22 PM – 08:38 PM |
| अमृत | 08:38 PM – 09:54 PM |
| चर | 09:54 PM – 11:10 PM |
| रोग | 11:10 PM – 12:26 AM (अगले दिन) |
| काल | 12:26 AM (अगले दिन) – 01:42 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 01:42 AM (अगले दिन) – 02:58 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 02:58 AM (अगले दिन) – 04:14 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 04:14 AM (अगले दिन) – 05:30 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 18 जुल | एकादशी (कृष्ण) |
| 22 जुल | अमावस्या |
| 1 अग | एकादशी (शुक्ल) |
| 5 अग | पूर्णिमा |
| 16 अग | एकादशी (कृष्ण) |
| 20 अग | अमावस्या |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.