पंचांग — 26 जून 2028, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिचतुर्थी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 02:18 PM, फिर पंचमी
नक्षत्रआश्लेषा — समाप्त 03:54 PM, फिर मघा
योगहर्षण — समाप्त 09:00 AM, फिर वज्र
करणविष्टि (भद्रा) — समाप्त 02:18 PM, फिर बव
वारसोमवार
सूर्योदय05:25 AM
सूर्यास्त07:22 PM
चंद्र राशिकर्क
सूर्य राशिमिथुन
मास (पूर्णिमांत)आषाढ़
मास (अमांत)आषाढ़
विक्रम संवत2085
शक संवत1950

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:56 AM – 12:52 PM
राहु काल07:10 AM – 08:54 AM
यमगंड10:39 AM – 12:24 PM
गुलिक काल02:08 PM – 03:53 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

अमृत05:25 AM – 07:10 AM
काल07:10 AM – 08:54 AM
शुभ08:54 AM – 10:39 AM
रोग10:39 AM – 12:24 PM
उद्वेग12:24 PM – 02:08 PM
चर02:08 PM – 03:53 PM
लाभ03:53 PM – 05:38 PM
अमृत05:38 PM – 07:22 PM

रात का चौघड़िया

चर07:22 PM – 08:38 PM
रोग08:38 PM – 09:53 PM
काल09:53 PM – 11:08 PM
लाभ11:08 PM – 12:24 AM (अगले दिन)
उद्वेग12:24 AM (अगले दिन) – 01:39 AM (अगले दिन)
शुभ01:39 AM (अगले दिन) – 02:54 AM (अगले दिन)
अमृत02:54 AM (अगले दिन) – 04:10 AM (अगले दिन)
चर04:10 AM (अगले दिन) – 05:25 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

2 जुलएकादशी (शुक्ल)
6 जुलपूर्णिमा
18 जुलएकादशी (कृष्ण)
22 जुलअमावस्या
1 अगएकादशी (शुक्ल)
5 अगपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.