पंचांग — 4 मार्च 2028, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिअष्टमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 02:11 AM (अगले दिन), फिर नवमी
नक्षत्ररोहिणी — समाप्त 08:25 PM, फिर मृगशिरा
योगविष्कुम्भ — समाप्त 07:54 PM, फिर प्रीति
करणविष्टि (भद्रा) — समाप्त 02:32 PM, फिर बव
वारशनिवार
सूर्योदय06:42 AM
सूर्यास्त06:23 PM
चंद्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकुंभ
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2084
शक संवत1949

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:09 PM – 12:56 PM
राहु काल09:37 AM – 11:05 AM
यमगंड02:00 PM – 03:28 PM
गुलिक काल06:42 AM – 08:10 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

काल06:42 AM – 08:10 AM
शुभ08:10 AM – 09:37 AM
रोग09:37 AM – 11:05 AM
उद्वेग11:05 AM – 12:33 PM
चर12:33 PM – 02:00 PM
लाभ02:00 PM – 03:28 PM
अमृत03:28 PM – 04:55 PM
काल04:55 PM – 06:23 PM

रात का चौघड़िया

लाभ06:23 PM – 07:55 PM
उद्वेग07:55 PM – 09:27 PM
शुभ09:27 PM – 11:00 PM
अमृत11:00 PM – 12:32 AM (अगले दिन)
चर12:32 AM (अगले दिन) – 02:04 AM (अगले दिन)
रोग02:04 AM (अगले दिन) – 03:37 AM (अगले दिन)
काल03:37 AM (अगले दिन) – 05:09 AM (अगले दिन)
लाभ05:09 AM (अगले दिन) – 06:41 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

7 मार्चएकादशी (शुक्ल)
11 मार्चपूर्णिमा
21 मार्चएकादशी (कृष्ण)
26 मार्चअमावस्या
9 अप्रैपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.