पंचांग — 24 फ़रवरी 2028, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिचतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 01:28 PM, फिर अमावस्या
नक्षत्रधनिष्ठा — समाप्त 05:05 AM (अगले दिन), फिर शतभिषा
योगपरिघ — समाप्त 07:46 PM, फिर शिव
करणशकुनि — समाप्त 01:28 PM, फिर चतुष्पद
वारगुरुवार
सूर्योदय06:52 AM
सूर्यास्त06:17 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिकुंभ
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2084
शक संवत1949

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:11 PM – 12:57 PM
राहु काल02:00 PM – 03:25 PM
यमगंड06:52 AM – 08:17 AM
गुलिक काल09:43 AM – 11:09 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

शुभ06:52 AM – 08:17 AM
रोग08:17 AM – 09:43 AM
उद्वेग09:43 AM – 11:09 AM
चर11:09 AM – 12:34 PM
लाभ12:34 PM – 02:00 PM
अमृत02:00 PM – 03:25 PM
काल03:25 PM – 04:51 PM
शुभ04:51 PM – 06:17 PM

रात का चौघड़िया

अमृत06:17 PM – 07:51 PM
चर07:51 PM – 09:25 PM
रोग09:25 PM – 10:59 PM
काल10:59 PM – 12:34 AM (अगले दिन)
लाभ12:34 AM (अगले दिन) – 02:08 AM (अगले दिन)
उद्वेग02:08 AM (अगले दिन) – 03:42 AM (अगले दिन)
शुभ03:42 AM (अगले दिन) – 05:16 AM (अगले दिन)
अमृत05:16 AM (अगले दिन) – 06:51 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

25 फ़रअमावस्या
7 मार्चएकादशी (शुक्ल)
11 मार्चपूर्णिमा
21 मार्चएकादशी (कृष्ण)
26 मार्चअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.