पंचांग — 9 दिसंबर 2027, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | एकादशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 03:21 AM (अगले दिन), फिर द्वादशी |
| नक्षत्र | रेवती — समाप्त 05:27 PM, फिर अश्विनी |
| योग | वरीयान — समाप्त 05:34 AM (अगले दिन), फिर परिघ |
| करण | वणिज — समाप्त 03:16 PM, फिर विष्टि (भद्रा) |
| वार | गुरुवार |
सूर्योदय07:01 AM
सूर्यास्त05:24 PM
चंद्र राशिमीन
सूर्य राशिवृश्चिक
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:52 AM – 12:34 PM |
| राहु काल | 01:31 PM – 02:48 PM |
| यमगंड | 07:01 AM – 08:19 AM |
| गुलिक काल | 09:37 AM – 10:55 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| शुभ | 07:01 AM – 08:19 AM |
| रोग | 08:19 AM – 09:37 AM |
| उद्वेग | 09:37 AM – 10:55 AM |
| चर | 10:55 AM – 12:13 PM |
| लाभ | 12:13 PM – 01:31 PM |
| अमृत | 01:31 PM – 02:48 PM |
| काल | 02:48 PM – 04:06 PM |
| शुभ | 04:06 PM – 05:24 PM |
रात का चौघड़िया
| अमृत | 05:24 PM – 07:06 PM |
| चर | 07:06 PM – 08:49 PM |
| रोग | 08:49 PM – 10:31 PM |
| काल | 10:31 PM – 12:13 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 12:13 AM (अगले दिन) – 01:55 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 01:55 AM (अगले दिन) – 03:38 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 03:38 AM (अगले दिन) – 05:20 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 05:20 AM (अगले दिन) – 07:02 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 9 दिस | एकादशी (शुक्ल) |
| 13 दिस | पूर्णिमा |
| 23 दिस | एकादशी (कृष्ण) |
| 27 दिस | अमावस्या |
| 8 जन | एकादशी (शुक्ल) |
| 12 जन | पूर्णिमा |
| 22 जन | एकादशी (कृष्ण) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.