पंचांग — 4 अप्रैल 2027, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथित्रयोदशी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 05:24 AM (अगले दिन), फिर चतुर्दशी
नक्षत्रशतभिषा — समाप्त 04:33 PM, फिर पूर्व भाद्रपद
योगशुभ — समाप्त 10:13 AM, फिर शुक्ल
करणगर — समाप्त 05:01 PM, फिर वणिज
वाररविवार
सूर्योदय06:08 AM
सूर्यास्त06:40 PM
चंद्र राशिकुंभ
सूर्य राशिमीन
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:59 AM – 12:49 PM
राहु काल05:06 PM – 06:40 PM
यमगंड12:24 PM – 01:58 PM
गुलिक काल03:32 PM – 05:06 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

उद्वेग06:08 AM – 07:42 AM
चर07:42 AM – 09:16 AM
लाभ09:16 AM – 10:50 AM
अमृत10:50 AM – 12:24 PM
काल12:24 PM – 01:58 PM
शुभ01:58 PM – 03:32 PM
रोग03:32 PM – 05:06 PM
उद्वेग05:06 PM – 06:40 PM

रात का चौघड़िया

शुभ06:40 PM – 08:06 PM
अमृत08:06 PM – 09:32 PM
चर09:32 PM – 10:58 PM
रोग10:58 PM – 12:23 AM (अगले दिन)
काल12:23 AM (अगले दिन) – 01:49 AM (अगले दिन)
लाभ01:49 AM (अगले दिन) – 03:15 AM (अगले दिन)
उद्वेग03:15 AM (अगले दिन) – 04:41 AM (अगले दिन)
शुभ04:41 AM (अगले दिन) – 06:07 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

6 अप्रैअमावस्या
17 अप्रैएकादशी (शुक्ल)
20 अप्रैपूर्णिमा
2 मईएकादशी (कृष्ण)
6 मईअमावस्या
16 मईएकादशी (शुक्ल)

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.