पंचांग — 6 जनवरी 2027, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिचतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 11:15 PM, फिर अमावस्या
नक्षत्रमूल — समाप्त 06:08 AM (अगले दिन), फिर पूर्वाषाढ़ा
योगवृद्धि — समाप्त 01:31 PM, फिर ध्रुव
करणविष्टि (भद्रा) — समाप्त 09:57 AM, फिर शकुनि
वारबुधवार
सूर्योदय07:14 AM
सूर्यास्त05:38 PM
चंद्र राशिधनु
सूर्य राशिधनु
मास (पूर्णिमांत)पौष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2084
शक संवत1949

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:06 PM – 12:47 PM (बुधवार को वर्जित)
राहु काल12:26 PM – 01:44 PM
यमगंड08:32 AM – 09:50 AM
गुलिक काल11:08 AM – 12:26 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

लाभ07:14 AM – 08:32 AM
अमृत08:32 AM – 09:50 AM
काल09:50 AM – 11:08 AM
शुभ11:08 AM – 12:26 PM
रोग12:26 PM – 01:44 PM
उद्वेग01:44 PM – 03:02 PM
चर03:02 PM – 04:20 PM
लाभ04:20 PM – 05:38 PM

रात का चौघड़िया

उद्वेग05:38 PM – 07:20 PM
शुभ07:20 PM – 09:02 PM
अमृत09:02 PM – 10:44 PM
चर10:44 PM – 12:26 AM (अगले दिन)
रोग12:26 AM (अगले दिन) – 02:08 AM (अगले दिन)
काल02:08 AM (अगले दिन) – 03:50 AM (अगले दिन)
लाभ03:50 AM (अगले दिन) – 05:32 AM (अगले दिन)
उद्वेग05:32 AM (अगले दिन) – 07:14 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

7 जनअमावस्या
19 जनएकादशी (शुक्ल)
22 जनपूर्णिमा
2 फ़रएकादशी (कृष्ण)
6 फ़रअमावस्या
17 फ़रएकादशी (शुक्ल)

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.