पंचांग — 4 जनवरी 2027, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिद्वादशी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 06:17 PM, फिर त्रयोदशी
नक्षत्रअनुराधा — समाप्त 12:15 AM (अगले दिन), फिर ज्येष्ठा
योगशूल — समाप्त 12:02 PM, फिर गण्ड
करणतैतिल — समाप्त 06:17 PM, फिर गर
वारसोमवार
सूर्योदय07:14 AM
सूर्यास्त05:37 PM
चंद्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिधनु
मास (पूर्णिमांत)पौष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2084
शक संवत1949

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:05 PM – 12:46 PM
राहु काल08:32 AM – 09:50 AM
यमगंड11:08 AM – 12:26 PM
गुलिक काल01:43 PM – 03:01 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

अमृत07:14 AM – 08:32 AM
काल08:32 AM – 09:50 AM
शुभ09:50 AM – 11:08 AM
रोग11:08 AM – 12:26 PM
उद्वेग12:26 PM – 01:43 PM
चर01:43 PM – 03:01 PM
लाभ03:01 PM – 04:19 PM
अमृत04:19 PM – 05:37 PM

रात का चौघड़िया

चर05:37 PM – 07:19 PM
रोग07:19 PM – 09:01 PM
काल09:01 PM – 10:43 PM
लाभ10:43 PM – 12:26 AM (अगले दिन)
उद्वेग12:26 AM (अगले दिन) – 02:08 AM (अगले दिन)
शुभ02:08 AM (अगले दिन) – 03:50 AM (अगले दिन)
अमृत03:50 AM (अगले दिन) – 05:32 AM (अगले दिन)
चर05:32 AM (अगले दिन) – 07:14 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

7 जनअमावस्या
19 जनएकादशी (शुक्ल)
22 जनपूर्णिमा
2 फ़रएकादशी (कृष्ण)
6 फ़रअमावस्या
17 फ़रएकादशी (शुक्ल)

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.