पंचांग — 11 दिसंबर 2026, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिद्वितीया (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 11:24 AM, फिर तृतीया
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा — समाप्त 03:04 AM (अगले दिन), फिर उत्तराषाढ़ा
योगगण्ड — समाप्त 10:17 AM, फिर वृद्धि
करणकौलव — समाप्त 11:24 AM, फिर तैतिल
वारशुक्रवार
सूर्योदय07:03 AM
सूर्यास्त05:25 PM
चंद्र राशिधनु
सूर्य राशिवृश्चिक
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2083
शक संवत1948

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:53 AM – 12:35 PM
राहु काल10:56 AM – 12:14 PM
यमगंड02:49 PM – 04:07 PM
गुलिक काल08:21 AM – 09:38 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चर07:03 AM – 08:21 AM
लाभ08:21 AM – 09:38 AM
अमृत09:38 AM – 10:56 AM
काल10:56 AM – 12:14 PM
शुभ12:14 PM – 01:31 PM
रोग01:31 PM – 02:49 PM
उद्वेग02:49 PM – 04:07 PM
चर04:07 PM – 05:25 PM

रात का चौघड़िया

रोग05:25 PM – 07:07 PM
काल07:07 PM – 08:49 PM
लाभ08:49 PM – 10:32 PM
उद्वेग10:32 PM – 12:14 AM (अगले दिन)
शुभ12:14 AM (अगले दिन) – 01:57 AM (अगले दिन)
अमृत01:57 AM (अगले दिन) – 03:39 AM (अगले दिन)
चर03:39 AM (अगले दिन) – 05:21 AM (अगले दिन)
रोग05:21 AM (अगले दिन) – 07:04 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

20 दिसएकादशी (शुक्ल)
3 जनएकादशी (कृष्ण)
7 जनअमावस्या
19 जनएकादशी (शुक्ल)
22 जनपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.