पंचांग — 5 नवंबर 2026, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिएकादशी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 10:36 AM, फिर द्वादशी
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी — समाप्त 03:55 AM (अगले दिन), फिर हस्त
योगवैधृति — समाप्त 05:08 AM (अगले दिन), फिर विष्कुम्भ
करणबालव — समाप्त 10:36 AM, फिर कौलव
वारगुरुवार
सूर्योदय06:35 AM
सूर्यास्त05:33 PM
चंद्र राशिसिंह
सूर्य राशितुला
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
मास (अमांत)आश्विन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:42 AM – 12:26 PM
राहु काल01:26 PM – 02:48 PM
यमगंड06:35 AM – 07:58 AM
गुलिक काल09:20 AM – 10:42 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

शुभ06:35 AM – 07:58 AM
रोग07:58 AM – 09:20 AM
उद्वेग09:20 AM – 10:42 AM
चर10:42 AM – 12:04 PM
लाभ12:04 PM – 01:26 PM
अमृत01:26 PM – 02:48 PM
काल02:48 PM – 04:11 PM
शुभ04:11 PM – 05:33 PM

रात का चौघड़िया

अमृत05:33 PM – 07:11 PM
चर07:11 PM – 08:49 PM
रोग08:49 PM – 10:27 PM
काल10:27 PM – 12:04 AM (अगले दिन)
लाभ12:04 AM (अगले दिन) – 01:42 AM (अगले दिन)
उद्वेग01:42 AM (अगले दिन) – 03:20 AM (अगले दिन)
शुभ03:20 AM (अगले दिन) – 04:58 AM (अगले दिन)
अमृत04:58 AM (अगले दिन) – 06:36 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

5 नवएकादशी (कृष्ण)
9 नवअमावस्या
24 नवपूर्णिमा
4 दिसएकादशी (कृष्ण)
8 दिसअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.