चौघड़िया — 9 नवंबर 2057, दिल्ली
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| चर | 06:39 AM – 08:00 AM |
| लाभ | 08:00 AM – 09:22 AM |
| अमृत | 09:22 AM – 10:43 AM |
| काल | 10:43 AM – 12:04 PM |
| शुभ | 12:04 PM – 01:26 PM |
| रोग | 01:26 PM – 02:47 PM |
| उद्वेग | 02:47 PM – 04:09 PM |
| चर | 04:09 PM – 05:30 PM |
रात का चौघड़िया
| रोग | 05:30 PM – 07:09 PM |
| काल | 07:09 PM – 08:47 PM |
| लाभ | 08:47 PM – 10:26 PM |
| उद्वेग | 10:26 PM – 12:05 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 12:05 AM (अगले दिन) – 01:43 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 01:43 AM (अगले दिन) – 03:22 AM (अगले दिन) |
| चर | 03:22 AM (अगले दिन) – 05:01 AM (अगले दिन) |
| रोग | 05:01 AM (अगले दिन) – 06:40 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 10:04 AM, फिर चतुर्दशी |
| नक्षत्र | रेवती — समाप्त 12:40 PM, फिर अश्विनी |
| योग | वज्र — समाप्त 07:56 AM, फिर सिद्धि |
| करण | तैतिल — समाप्त 10:04 AM, फिर गर |
| वार | शुक्रवार |
सूर्योदय06:39 AM
सूर्यास्त05:30 PM
चंद्र राशिमीन
सूर्य राशितुला
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
मास (अमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2114
शक संवत1979
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 AM – 12:26 PM |
| राहु काल | 10:43 AM – 12:04 PM |
| यमगंड | 02:47 PM – 04:09 PM |
| गुलिक काल | 08:00 AM – 09:22 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
आने वाले व्रत
| 11 नव | पूर्णिमा |
| 22 नव | एकादशी (कृष्ण) |
| 26 नव | अमावस्या |
| 6 दिस | एकादशी (शुक्ल) |
| 10 दिस | पूर्णिमा |
| 22 दिस | एकादशी (कृष्ण) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.