चौघड़िया — 21 जून 2057, दिल्ली

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

शुभ05:24 AM – 07:08 AM
रोग07:08 AM – 08:53 AM
उद्वेग08:53 AM – 10:38 AM
चर10:38 AM – 12:23 PM
लाभ12:23 PM – 02:07 PM
अमृत02:07 PM – 03:52 PM
काल03:52 PM – 05:37 PM
शुभ05:37 PM – 07:22 PM

रात का चौघड़िया

अमृत07:22 PM – 08:37 PM
चर08:37 PM – 09:52 PM
रोग09:52 PM – 11:08 PM
काल11:08 PM – 12:23 AM (अगले दिन)
लाभ12:23 AM (अगले दिन) – 01:38 AM (अगले दिन)
उद्वेग01:38 AM (अगले दिन) – 02:53 AM (अगले दिन)
शुभ02:53 AM (अगले दिन) – 04:09 AM (अगले दिन)
अमृत04:09 AM (अगले दिन) – 05:24 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिपंचमी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 04:34 PM, फिर षष्ठी
नक्षत्रधनिष्ठा — समाप्त 05:50 PM, फिर शतभिषा
योगविष्कुम्भ — समाप्त 06:56 PM, फिर प्रीति
करणकौलव — समाप्त 05:31 AM, फिर तैतिल
वारगुरुवार
सूर्योदय05:24 AM
सूर्यास्त07:22 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिमिथुन
मास (पूर्णिमांत)आषाढ़
मास (अमांत)ज्येष्ठ
विक्रम संवत2114
शक संवत1979

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:51 PM
राहु काल02:07 PM – 03:52 PM
यमगंड05:24 AM – 07:08 AM
गुलिक काल08:53 AM – 10:38 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

आने वाले व्रत

27 जूनएकादशी (कृष्ण)
1 जुलअमावस्या
16 जुलपूर्णिमा
27 जुलएकादशी (कृष्ण)
31 जुलअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.