चौघड़िया — 19 अगस्त 2052, दिल्ली
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 05:52 AM – 07:30 AM |
| काल | 07:30 AM – 09:08 AM |
| शुभ | 09:08 AM – 10:46 AM |
| रोग | 10:46 AM – 12:24 PM |
| उद्वेग | 12:24 PM – 02:02 PM |
| चर | 02:02 PM – 03:40 PM |
| लाभ | 03:40 PM – 05:18 PM |
| अमृत | 05:18 PM – 06:56 PM |
रात का चौघड़िया
| चर | 06:56 PM – 08:18 PM |
| रोग | 08:18 PM – 09:40 PM |
| काल | 09:40 PM – 11:02 PM |
| लाभ | 11:02 PM – 12:24 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 12:24 AM (अगले दिन) – 01:46 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 01:46 AM (अगले दिन) – 03:09 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 03:09 AM (अगले दिन) – 04:31 AM (अगले दिन) |
| चर | 04:31 AM (अगले दिन) – 05:53 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | दशमी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 02:24 AM (अगले दिन), फिर एकादशी |
| नक्षत्र | रोहिणी — समाप्त 10:10 AM, फिर मृगशिरा |
| योग | व्याघात — समाप्त 06:29 AM, फिर हर्षण |
| करण | वणिज — समाप्त 03:36 PM, फिर विष्टि (भद्रा) |
| वार | सोमवार |
सूर्योदय05:52 AM
सूर्यास्त06:56 PM
चंद्र राशिवृषभ
सूर्य राशिसिंह
मास (पूर्णिमांत)भाद्रपद
मास (अमांत)श्रावण
विक्रम संवत2109
शक संवत1974
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 AM – 12:50 PM |
| राहु काल | 07:30 AM – 09:08 AM |
| यमगंड | 10:46 AM – 12:24 PM |
| गुलिक काल | 02:02 PM – 03:40 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
आने वाले व्रत
| 20 अग | एकादशी (कृष्ण) |
| 24 अग | अमावस्या |
| 4 सित | एकादशी (शुक्ल) |
| 19 सित | एकादशी (कृष्ण) |
| 22 सित | अमावस्या |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.