चौघड़िया — 30 अप्रैल 2050, दिल्ली

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

काल05:41 AM – 07:20 AM
शुभ07:20 AM – 09:00 AM
रोग09:00 AM – 10:39 AM
उद्वेग10:39 AM – 12:18 PM
चर12:18 PM – 01:57 PM
लाभ01:57 PM – 03:37 PM
अमृत03:37 PM – 05:16 PM
काल05:16 PM – 06:55 PM

रात का चौघड़िया

लाभ06:55 PM – 08:16 PM
उद्वेग08:16 PM – 09:37 PM
शुभ09:37 PM – 10:57 PM
अमृत10:57 PM – 12:18 AM (अगले दिन)
चर12:18 AM (अगले दिन) – 01:38 AM (अगले दिन)
रोग01:38 AM (अगले दिन) – 02:59 AM (अगले दिन)
काल02:59 AM (अगले दिन) – 04:19 AM (अगले दिन)
लाभ04:19 AM (अगले दिन) – 05:40 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिनवमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 07:09 PM, फिर दशमी
नक्षत्रआश्लेषा — समाप्त 11:20 AM, फिर मघा
योगगण्ड — समाप्त 07:12 AM, फिर वृद्धि
करणबालव — समाप्त 05:57 AM, फिर कौलव
वारशनिवार
सूर्योदय05:41 AM
सूर्यास्त06:55 PM
चंद्र राशिकर्क
सूर्य राशिमेष
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
मास (अमांत)वैशाख
विक्रम संवत2107
शक संवत1972

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:52 AM – 12:45 PM
राहु काल09:00 AM – 10:39 AM
यमगंड01:57 PM – 03:37 PM
गुलिक काल05:41 AM – 07:20 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

आने वाले व्रत

2 मईएकादशी (शुक्ल)
6 मईपूर्णिमा
17 मईएकादशी (कृष्ण)
20 मईअमावस्या
1 जूनएकादशी (शुक्ल)
5 जूनपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.