चौघड़िया — 18 दिसंबर 2044, दिल्ली
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| उद्वेग | 07:08 AM – 08:25 AM |
| चर | 08:25 AM – 09:43 AM |
| लाभ | 09:43 AM – 11:00 AM |
| अमृत | 11:00 AM – 12:17 PM |
| काल | 12:17 PM – 01:35 PM |
| शुभ | 01:35 PM – 02:52 PM |
| रोग | 02:52 PM – 04:10 PM |
| उद्वेग | 04:10 PM – 05:27 PM |
रात का चौघड़िया
| शुभ | 05:27 PM – 07:10 PM |
| अमृत | 07:10 PM – 08:52 PM |
| चर | 08:52 PM – 10:35 PM |
| रोग | 10:35 PM – 12:18 AM (अगले दिन) |
| काल | 12:18 AM (अगले दिन) – 02:00 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 02:00 AM (अगले दिन) – 03:43 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 03:43 AM (अगले दिन) – 05:26 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 05:26 AM (अगले दिन) – 07:08 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 12:19 PM, फिर अमावस्या |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा — समाप्त 07:10 AM (अगले दिन), फिर मूल |
| योग | शूल — समाप्त 01:05 AM (अगले दिन), फिर गण्ड |
| करण | शकुनि — समाप्त 12:19 PM, फिर चतुष्पद |
| वार | रविवार |
सूर्योदय07:08 AM
सूर्यास्त05:27 PM
चंद्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिधनु
मास (पूर्णिमांत)पौष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2101
शक संवत1966
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:57 AM – 12:38 PM |
| राहु काल | 04:10 PM – 05:27 PM |
| यमगंड | 12:17 PM – 01:35 PM |
| गुलिक काल | 02:52 PM – 04:10 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
आने वाले व्रत
| 19 दिस | अमावस्या |
| 30 दिस | एकादशी (शुक्ल) |
| 3 जन | पूर्णिमा |
| 13 जन | एकादशी (कृष्ण) |
| 18 जन | अमावस्या |
| 29 जन | एकादशी (शुक्ल) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.